Wednesday, October 21, 2015

'' सुबह जगाएँ '' नामक गीत , कवि स्व. श्रीकृष्ण शर्मा गीत - संग्रह - '' बोल मेरे मौन '' से लिया गया है -









सुख छोड़ो , पीड़ाएँ ओढ़ी ,
ये अंधी राहें उजराएँ । । 

हमने तो सपने देखे थे 
मरुथल बन जाए वृन्दावन ,
पतझर के उदास आँगन में 
झूम - झूम कर गाए फागुन ;

गुमसुम होकर हवा न बैठे ,
बन्दी होकर नहीं रोशनी ;

लाल आँच आँखों से जोड़ी ,
किरणें आकर सुबह जगाएँ । 

सुख छोड़ो , पीड़ाएँ ओढ़ी ,
ये अंधी राहें उजराएँ । । 


                                  - श्रीकृष्ण शर्मा 

_________________________
पुस्तक - '' बोल मेरे मौन ''  ,  पृष्ठ - 83

सुनील कुमार शर्मा  
पुत्र –  स्व. श्रीकृष्ण शर्मा ,
जवाहर नवोदय विद्यालय ,
पचपहाड़ , जिला – झालावाड़ , राजस्थान .
पिन कोड – 326512
फोन नम्बर - 9414771867


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